पवित्र रमज़ान महीने के दूसरे शुक्रवार को फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों को निशाना बनाए जाने से स्पष्ट हो जाता है कि इस्राईल के अत्याचारों की कोई सीमा नहीं है।
फ़िलिस्तीनी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, शुक्रवार की शाम मोहम्मद अल-ओसीबी को इस्राईली सैनिकों ने मस्जिदुल अक़सा के गेट पर गोली मारकर शहीद कर दिया।
चश्मदीद गवाहों का कहना है कि एक फ़िलिस्तीनी लड़की मस्जिद में दाख़िल होने की कोशिश कर रही थी, उसी वक़्त इस्राईली सैनिकों ने उसे मस्जिद में दाख़िल होने से रोका और उस पर हमला कर दिया। वहां मौजूद अल-ओसीबी ने फ़िलिस्तीनी लड़की को बचाव किया तो ज़ायोनी सैनिकों ने उन्हें गोली मार दी।
मस्जिदम मौजूद लोगों का कहना है कि उन्होंने गोली की आवाज़ स्पष्ट रूप से सुनी।
फ़िलिस्तीनी की सफ़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्राईली सैनिकों ने 26 वर्षीय अल-ओसीबी को गोली मार दी, क्योंकि उन्होंने फ़िलिस्तीनी महिला का बचाव किया था।
इस घटना के बाद, अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में फ़िलिस्तीनी नागरिकों ने रविवार को हड़ताल का एलान किया है।
फ़यारिंग के बाद इस्राईली सैनिकों ने मस्जिदुल अक़सा के सभी दरवाज़ों को बंद कर दिया और वे बड़ी संख्या में मस्जिद के कंपाउंड में जमा हो गए। msm
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